March 5, 2026

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CG : महाकुंभ में ‘छत्तीसगढ़ पवेलियन’ बना लोगों के आकर्षण का केंद्र; निःशुल्क भोजन और ठहरने की व्यवस्था से श्रद्धालु बेहद खुश

रायपुर। छत्तीसगढ़ समेत देश के हर कोने में प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ को लेकर काफी उत्साह बना हुआ है। इस बार के महाकुंभ में तकरीबन 45 करोड़ से अधिक लोगों ने आस्था की डुबकी लगा ली है। प्रयागराज दर्शन के लिए छत्तीसगढ़ से भी श्रद्धालुओं का जमावड़ा रोजाना महाकुंभ स्नान के लिए जा रहा है। जिसे लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी प्रदेश वासियों की सुविधा का भी खूब ख्याल रखा है।

निःशुल्क ठहरने और भोजन की व्यवस्था

बता दें कि, सीएम साय की पहल पर प्रयागराज महाकुंभ में राज्य के स्थानीय लोगों के लिए छत्तीसगढ़ पवेलियन पूरी तरह से तैयार है। राज्य के लोगों को प्रयागराज में भी अपनेपन का अहसास मिले, इसलिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यहां स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देते हुए लोगों के निःशुल्क ठहरने और भोजन करने भी व्यवस्था की है।

छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं का सीएम साय ने रखा खूब ख्याल

प्रदेश के जो भी श्रद्धालु महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाना चाहते हैं, उनके लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। छत्तीसगढ़ पवेलियन महाकुंभ मेला के सेक्टर 6 में स्थित है। यह ठीक बघाड़ा थाना मेला के पास स्थित है जहां आने के लिए लक्ष्मी द्वार से प्रवेश करना है। यहां से निकटतम रेलवे स्टेशन प्रयाग है। सड़क अथवा हवाई मार्ग से आने वाले श्रद्धालु इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के रास्ते दारागंज होते हुए पुराना लोहे का यमुना ब्रिज क्रॉस करके यहां पहुंच सकते हैं।

प्रवेश द्वार पर छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा स्थापित

बता दें कि, यहां प्रवेश द्वार पर ही भारत के नियाग्रा कहे जाने वाले बस्तर के चित्रकोट जलप्रपात की तस्वीर लगी है। पैवेलियन के भीतर प्रवेश करते ही छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा स्थापित है। प्रवेश द्वार के दाहिनी तरफ राज्य की चार ईष्ट देवियां मां महामाया, मां चंद्रहासिनी, मां दंतेश्वरी और मां बम्लेश्वरी की फोटो और उनकी जानकारी दी गई है। पैवेलियन के भीतर प्रवेश करते ही बायीं तरफ छत्तीसगढ़ के जीवंत ग्रामीण परिवेश को दिखाया गया है। यहां पर परंपरागत ग्रामीण जीवन के साथ ही आदिवासी कला, संस्कृति, आभूषण, वस्त्र समेत एक संपूर्ण गांव का चित्रण किया गया है।

बस्तर का ढोकरा शिल्प, राजकीय पशु- पक्षी भी दर्शाया

राज्य के प्रदर्शनी में प्रवेश करने के पहले बस्तर के ढोकरा शिल्प और राजकीय पशु व पक्षी को दर्शाया गया है। प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं विशेषतर मोर आवास मोर अधिकार, 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी योजना की जानकारी दर्शाई गई है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक विरासत के रूप में सिरपुर और जैतखाम की प्रतिकृति को निर्मित किया गया है।

सरकारी योजनाओं की जानकारी

स्थानीय लोग और देश भर से आए श्रद्धालु राज्य को ज्यादा से ज्यादा करीब से जान पाएं, इसके लिए वर्चुअल रियेलिटी हेडसेट और डोम के भीतर 180 डिग्री वीडियो के माध्यम से शासन की योजनाओं और छत्तीसगढ़ राज्य की जानकारी साझा की जा रही है। इन तकनीकों के जरिए छत्तीसगढ़ को जानने के लिए स्थानीय लोगों में जबरदस्त उत्साह है। लोग लंबी लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार करते हुए नजर आ रहे हैं।

छत्तीसगढ़ को जानने के लिए हर कोई उत्सुक

छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और यहां का गौरवशाली इतिहास हर किसी को प्रेरित करता है। छत्तीसगढ़ को जानने के लिए देश में हर कोई बेताब रहता है, इसकी बड़ी झलक प्रयागराज महाकुंभ के दौरान छत्तीसगढ़ पैवेलियन में देखने को मिल रही है। इसे देखकर कहा जा सकता है मानो उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में मानो एक छोटा सा छत्तीसगढ़ ही बसा हुआ है।

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