March 5, 2026

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बस्तर पंडुम: गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सलियों से की अपील, बोले- मुख्यधारा में शामिल हो जाइए, आप हमारे अपने हैं…

दंतेवाड़ा। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दो दिवसीय छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के दौरे पर हैं। शनिवार की दोपहर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पहले विमान से बस्तर पहुंचे। जगदलपुर आगमन के दौरान जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने आत्मीय स्वागत किया। इस मौके पर पूर्व सांसद दिनेश कश्यप और क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधियों सहित कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा एवं जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। यहां से दंतेवाड़ा रवाना हुए।

मां दंतेश्वरी का लिया आशीर्वाद
दंतेवाड़ा पहुंचकर सबसे पहले मां दंतेश्वरी के दर्शन किए। इस दौरान वह धोती-कुर्ता पहने नजर आए। मां का आशीर्वाद लेने के बाद अमित शाह बस्तर पंडुम के समापन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंच गए हैं। यहां उन्हें माला और गौर मुकुट पहनाकर उनका स्वागत किया गया। यहां पर वह बस्तर के पारंपरिक ड्रिंक्स और फूड्स का स्वाद भी चखेंगे। शाम को रायपुर में उच्च स्तरीय बैठक लेंगे। इसके बाद वापस दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।

सुख समृद्धि की कामना की
चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश वासियों की सुख समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव एवं विजय शर्मा, मंत्री राम विचार नेताम, केदार कश्यप, विधायक जगदलपुर किरण देव अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, सचिव राहुल भगत, कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, आईजी बस्तर सुंदरराज पी सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ सहित देश को नक्सलमुक्त करने का संकल्प पूरा होगा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम विष्णुदेव साय ने कहा, ‘हमारे सुरक्षाबल के जवान बहुत ही मजबूती के साथ लड़ाई लड़ रहे हैं। नक्सल मोर्चे पर लगातार सफलता मिल रही है। हमें पूरा भरोसा है की मां दंतेश्वरी की कृपा से केंद्रीय गृहमंत्री का मार्च 2026 से पहले छत्तीसगढ़ सहित देश को नक्सलमुक्त करने का संकल्प पूरा होगा। छत्तीसगढ़ का बस्तर इलाका यहां का पर्यटन स्थल है, जो स्वर्ग जैसा है यहां पर फिर पुराना समय आएगा और देश-दुनिया के लोग आएंगे।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पंडुम के कलाकारों का सम्मान किया
सीएम साय ने कहा, ‘यह बस्तर पंडुम 45 दिनों तक चला है। यह ब्लॉक स्तर से शुरू होकर जिला और संभाग स्तर पर समापन हो रहा है। इसमें ओडिशा, कर्नाटक, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र के करीब 27 हजार कलाकारों ने हिस्सा लिया। इसमें आदिवासी संस्कृति, वेशभूषा, भाषा-शैली, साहित्य, खान- पान सब का समावेश हुआ। पीएम नरेंद्र मोदी की एक राष्ट्र और एक एक भारत, श्रेष्ठ भारत के सपने को साकार किया है। बस्तर पंडुम 18 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए हैं। इसके पहले बस्तर ओलंपिक का भी शानदार आयोजन किया गया था। इसके बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पंडुम के कलाकारों का सम्मान किया।’

‘साजिश के तहत कांग्रेस के आकाओं ने कराई महाराज प्रवीणचंद्र भंजदेव की हत्या’
छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों के सभी देवी-देवताओं और महाराज प्रवीणचंद्र भंजदेव को प्रणाम करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, ‘उन्होंने जनजातियों के जल, जंगल, जमीन, वन, संस्कृति के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। यहां पर एक प्रजावत्सल राजा के रूप में उनकी लोकप्रियता थी, वह उस समय के कांग्रेस के आकाओं को सहन नहीं हुई और साजिश के तहत उनकी हत्या करवा दी गई। आज पूरा बस्तर लाल आतंक से मुक्त होने की कगार पर है। विकास के रास्ते पर चल चुका है। ऐसे समय में प्रवीणचंद्र की आत्मा बस्तर के आदिवासियों को अपना आशीर्वाद दे रही होगी।’

बस्तर पंडुम को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान
महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बाबू जगजीवनराम जी की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने कहा, ‘उन्होंने देश के आदिवासी, पिछड़े वर्गों के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। बाबूजी ने आजादी की लड़ाई भी लड़ी और स्वतंत्रता के बाद देश के विकास में बड़ा योगदान भी दिया। शाह ने बड़ा एलान करते हुए कहा कि अगले साल बस्तर पंडुम में देशभर के हर आदिवासी क्षेत्रों के कलाकारों को बस्तर में लाएंगे। इतना ही नहीं बस्तर पंडुम को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने के लिए भी दुनियाभर के राजदूतों को बस्तर के हर जिले में ले जाकर यहां की परंपराओं और संस्कृति से अवगत कराएंगे। यहां की परंपरा को पूरे विश्व तक पहुंचाने का कार्य भाजपा करेगी। इस आयोजन में 1885 ग्राम पंचायत, 12 नगर पंचायत, 8 नगर परिषद, एक नगर पालिका और 32 जनपद 47000 कलाकारों ने यहां भाग लिया है।

अगली बार 12 श्रेणियों में मनेगा बस्तर पंडुम
इस आयोजन के लिए बस्तर जिला प्रशासन ने पांच करोड़ की राशि आवंटित की थी। यह सबसे पहला इतना बड़ा संस्कृति उत्सव है। बस्तर की भाषा शैली, रहन-सहन, खान पान, पेय पदार्थ, भोजन केवल छत्तीसगढ़ की ही नहीं बल्कि भारत की संस्कृति का गहना है। इस बार सात श्रेणी में बस्तर पंडुम मनाया गया। अगली बार 12 श्रेणियां में मनाया जाएगा। देशभर के आदिवासी यहां पर आएंगे।

5500 रुपये में सरकार खरीदेगी तेंदूपत्ता
केंद्रीय गृहमंत्री ने छत्तीसगढ़ के सीएम साय को मंच के सामने आने का आह्वान करते हुए कहा कि आदिवासियों से 5500 रुपये में तेंदूपत्ता सीधा सरकार खरीदेगी। कोई दलाल के पास आपको नहीं जाना पड़ेगा। यह बहुत बड़ा फैसला है। लाल आतंक फैलाने के लिए जो आपका पैसा ले जाते थे, विष्णुदेव साय सरकार आपके बैंक अकाउंट में 5500 सीधा ट्रांसफर करेगी।

‘अनेकता में एकता ही भारत की ताकत है’
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, ‘कुछ लोग कहते थे कि बस्तर पंडुम से क्या हासिल होगा। शायद उन्हें मालूम नहीं है कि अनेकता में एकता ही भारत की ताकत है। भारत की ताकत अनेक प्रकार की संस्कृतियों का समागम है। यहां की परंपराएं, कलाएं, भाषा, बोलियां, विविध प्रकार के व्यंजन यह सब यह सब मिलकर भारत बनता है। यह कांग्रेस को अब तक नहीं पता है। भारत दुनिया की हर स्पर्धा में टक्कर के साथ खड़ा रहेगा पर हम अपनी संस्कृति को भी संरक्षित करेंगे। बस्तर पंडुम से इसकी शुरुआत है। पंडुम की तरह ही हरस ला बस्तर ओलंपिक भी होगा।’

मुख्यधारा में शामिल हो जाएं नक्सली
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सलियों से एक बार फिर अपील करते हुए कहा, ‘अब वो जमाना चला गया, जब यहां पर गोलियां चलती थीं, बम धमाके होते थे, जिनके हाथों में हथियार हैं और जिनके हाथों में हथियार नहीं हैं, उन सभी नक्सलियों से आह्वान करता हूं कि आप हथियार डाल दीजिए और मुख्यधारा में शामिल हो जाइए। आप हमारे अपने हैं। कोई भी नक्सली मारा जाता है तो किसी को खुशी नहीं मिलती है, लेकिन इस क्षेत्र को विकास चाहिए। जो 50 साल में विकास नहीं हुआ वो हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच साल में करके दिखाना चाहते हैं, लेकिन यह तभी होगा जब बस्तर के अंदर शांति होगी। बच्चे स्कूल जाएंगे। यहां के लोगों को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी।

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