March 3, 2026

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Stock Marke Crash Reason: शेयर बाजार में मचा हाहाकार, निवेशकों के ₹19 लाख करोड़ डूबे – जानें क्या है वजह

बिजनेस न्यूज़। सोमवार का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद कठिन साबित हुआ। वैश्विक बिकवाली के बीच सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट देखी गई, जिससे निवेशकों के करीब ₹19 लाख करोड़ का नुकसान हो गया। सेंसेक्स में लगभग 3000 अंकों की गिरावट आई, वहीं निफ्टी ने करीब 900 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की। यह गिरावट अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंका के कारण हुई, जिसने दुनिया भर के बाजारों को बुरी तरह प्रभावित किया।

अमेरिकी मंदी की आशंका से मची हलचल

सोमवार को सेंसेक्स 3,072 अंकों (लगभग 4%) की गिरावट के साथ 72,296 अंक पर खुला, जबकि निफ्टी में 1,146 अंकों (5%) की गिरावट आई, और यह 21,758 अंक पर आ गया। इससे BSE लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹19.4 लाख करोड़ घटकर ₹383.95 लाख करोड़ रह गया। इस गिरावट के मुख्य कारणों में से एक अमेरिकी टैरिफ नीतियों की वजह से ट्रेड वॉर का डर था, जिससे वैश्विक बाजारों में मंदी का माहौल बन गया।

एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट

भारत के अलावा एशियाई बाजार भी मंदी की लहर से प्रभावित हुए। हॉन्ग कॉन्ग के हेंग सेंग इंडेक्स में 10% से अधिक की गिरावट आई, जो 2008 के वैश्विक संकट के बाद सबसे बड़ी गिरावट थी। चीन का CSI300 ब्लू चिप इंडेक्स भी 5% से अधिक गिर गया, और चीन की करेंसी युआन भी अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई। जापान का Nikkei 225 इंडेक्स 9% गिरा, जबकि दक्षिण कोरिया के Kospi में 4.34% की गिरावट आई।

निवेशकों में फैल रहा डर

यह अचानक आई गिरावट कई कारणों से हुई, जिनमें अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों तरह के कारण शामिल हैं। अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाने से ट्रेड वॉर की आशंका एक बार फिर बढ़ गई है, वहीं अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स और बाजार में कमजोरी भी चिंता का कारण बन रही है। इसके अलावा, भारत में रिजर्व बैंक की MPC मीटिंग, IIP और CPI के आंकड़ों के रिलीज़ होने, और प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजों को लेकर भी निवेशकों में डर का माहौल बना हुआ है।

आगे क्या होगा?

विश्लेषकों के मुताबिक, यदि अमेरिका की आर्थिक स्थिति और वैश्विक मंदी की आशंका बनी रहती है, तो इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी जारी रह सकता है। निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि आने वाले दिनों में और भी बड़ी घटनाएँ बाजार को प्रभावित कर सकती हैं।

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