April 20, 2026

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आज का पंचांग : आज दुर्गाष्टमी का पर्व…जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

राष्ट्रीय मिति चैत्र 15, शक संवत 1947, चैत्र शुक्ल, अष्टमी, शनिवार, विक्रम संवत 2082। सौर चैत्र मास प्रविष्टे 23, शव्वान 06, हिजरी 1446 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 05 अप्रैल सन् 2025 ई॰। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, बसन्त ऋतुः। राहुकाल प्रातः 09 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक। अष्टमी तिथि सायं 07 बजकर 27 मिनट तक उपरांत नवमी तिथि का आरंभ। पुनर्वसु नक्षत्र अगले दिन सुबह 05 बजकर 32 मिनट तक उपरांत पुष्य नक्षत्र का आरंभ।

अतिगण्ड योग रात्रि 08 बजकर 03 मिनट तक उपरांत सुकर्मा योग का आरंभ। विष्टि करण प्रातः 07 बजकर 50 मिनट तक उपरांत बालव करण का आरंभ। चन्द्रमा रात्रि 11 बजकर 25 मिनट तक मिथुन उपरांत कर्क राशि पर संचार करेगा।

आज के व्रत त्योहार
 श्री दुर्गाष्टमी, भवान्युत्पति, अशोकाष्टमी, मेला बाहूफोर्ट (जम्मू), कांगड़ा देवी, नैनादेवी (हि.प्र.), अन्नपूर्ण-पूजन।

सूर्योदय का समय 5 अप्रैल 2025 : 
सुबह में 6 बजकर 6 मिनट तक।
सूर्यास्त का समय 5 अप्रैल 2025 : शाम में 6 बजकर 41 मिनट तक।

आज का शुभ मुहूर्त 5 अप्रैल 2025 :

ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 35 मिनट तक सुबह में 5 बजकर 21 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्‍यरात्रि रात में 12 बजकर 1 मिनट से रात में 12 बजकर 46 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 6 बजकर 40 मिनट से 7 बजकर 3 मिनट तक।

आज का अशुभ मुहूर्त 5 अप्रैल 2025 :

सुबह में 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक राहुकाल रहेगा। इसी के साथ सुबह में 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। दोपहर में 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय सुबह में 7 बजकर 40 मिनट से 9 बजकर 15 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल सुबह में 6 बजकर 7 मिनट से 6 बजकर 57 मिनट तक।

आज का उपाय :
 आज शनि देव के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

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